वह क्या था? What was that ?
मित्रो, मेरा नाम सुधांशु कुमार मिश्रा है। मैं मूलतः बिहार का हूँ, लेकिन विगत तीस वर्षों से मेघालय में नौकरी कर रहा हूँ। यह तब की बात है जब मेरी उम्र लगभग पाँच साल की रही होगी । मेरा एक छोटा भाई था, मुझसे कोई ढाई साल छोटा। कुछ दिनों से बीमार चल रहा था।मैं अपने घर की बनावट बतला दूँ । बीच में आँगन और आँगन के पूरवी किनारे पर एक कमरा और एक बरामदा । आँगन के पच्छिमी किनारे दो कमरे और एक बरामदा । उत्तरी किनारे रसोईघर और दक्षिणी किनारा खुला, जिसमें सब्जियों के पौधे लगे रहते थे । शाम का वक्त। आँगन के पूरवी किनारे, बरामदे की ओहारी (छप्पर का निचला हिस्सा) के नीचे एक खटिया लगी थी जिसपर मैं उत्तर की तरफ पैर किये लेटा था। माँ मेरे सिरहाने की तरफ के कमरे में मेरे छोटे बीमार भाई की देख-रेख कर रही थी। उसकी हालत बहुत खराब थी । मेरे पिता घर पर नहीं थे और मेरी बड़ी बहन (जो लगभग आठ साल की थी), पिता जी को मुहल्ले में ढूँढ कर बुला लाने गयी थी । मैं गुमसुम आकाश की तरफ़ ताक रहा था । अचानक मैंने देखा, दो लड़के, एक तो गहरे नीले रंग का और दूसरा हलके बैंगनी रंग का, खुले लम्बे छरहरे देह, उमर करीब तेरह-चौदह वर्ष, हाथ म...