एक भयानक राज़ | Ek Bhayanak Raaz
मेरा नाम तूलिका नंदा है। मै एक social activist हूँ। वैसे तो मेरी शादी मणिनगर में हुई थी पर शादी के दो साल के बाद ही मेरा तलाक हो गया था। अब में दिल्ली में अपनें माता-पिता के घर पर ही रहती हूँ। और डोमेस्टिक वायोलेन्स (घरेलू जगड़ों) की शिकार महिलाओं की सहायता में कार्यरत एक organization से जुड़ी हुई हूँ। शादी टूट जाने से कोई औरत खुश तो नहीं होती है, पर शादीसुधा रह कर अत्याचार सहने से कई ज़्यादा अच्छा है अकेले रह कर शांति से जीवन बिताया जाये। मै आज उस खतरनाक राज़ के बारे में बताना चाहती हूँ जिसके कारण मेरा तलाक हुआ था। वैसे तो मेरे पति मेरा खूब खयाल रखते थे, पर जब उन्हे गुस्सा आए तब वह अजीब इन्सान की तरह पेश आने लगते और उनकी आवाज़ भी भारी हो जाती, मुझे लगा था की शायद गुस्सा होने पर ऐसा बदलाव आता होगा, पर ऐसा कुछ भी नहीं था। उनके उस भयानक बरताव की वजह कुछ और ही थी। एक रात मै और मेरे पति सोये हुए थे, तभी अचानक मैंने महेसूस किया की मेरे पति गहेरी गहेरी साँसे ले रहे थे, और नींद में बोले जा रहे थे की मुझे छोड़ दो,,, बस करो बस करो,, मुझे माफ कर दो,,, जो कुछ भी हुआ उसमें मेरी गलती नहीं थी,,, यह सब स...