जयेश मामा का डरावना भूत | Jayesh Mama ka Darawana Bhoot
मेरा नाम किशन मोतीवरस है। मै सिविल एंजिन्यरिंग की पढ़ाई कर रहा हूँ। वैसे तो मेरा अधिक समय हॉस्टल में ही बीतता है, पर छुट्टीयों में मै पास ही में अपने घर जाफराबाद जाता हूँ। मेरे जयेश मामा एक जी॰ ई॰ बी॰ कर्मचारी थे। मेरे जयेश मामा दिखने में खूब काले और हाइट में लंबे थे। उन्हे खाने में कुछ भी दे दिया जाए वह जानवरों की तरह खा लेते थे। उन्हे स्वाद की कोई समझ नहीं थी। जयेश मामा को शादी का बड़ा चस्का था, पर खुद चांडाल जैसे दिखते थे तो उनके सामनें कोई भी लड़की देखती नहीं थी। हम जब भी मेले में घुमनें जाते थे तो जयेश मामा घूर घूर कर लड़कियों को ऐसे ताकते रहते थे की उन्हे खा ही जाएगे। बद किस्मती से, पिछले साल बिजली का शोक लगने से उनकी मौत हो गयी थी। हम सारे उनकी शमशान यात्रा में शरीक हुए थे। वहीं मुझे एक भयानक अनुभव हुआ था, जिस के बारे में मै सब को बताना चाहता हूँ। उस रात दो बझे मेरी नींद खुल गयी,,, शायद किसी नें मुझे आवाज़ दी थी,,, मै चौक गया। उठ कर आसपास देखा तो कोई भी नहीं था। मै फिर से बत्ती बुझा कर सो गया। तभी अचानक किसी नें फिर से मुझे मेरे नाम से पुकारा,,, इस बार मैंने गौर किया तो मुझे समझ आ...