फ़ोरेनर के रूप में आई चुड़ैल के चक्कर में आया मेरा दोस्त
मेरा नाम सुमीत जानी है। और मै Axis bank में “लोन प्रॉडक्ट” के सेल्स विभाग में काम करता हूँ। मै मथुरा का निवासी हूँ, पर जॉब की वजह से जयपुर में रहेता हूँ। वैसे तो जयपुर में मेरे दोस्त कम है, पर फिर भी एक पक्का दोस्त वहाँ मुझे मिल ही गया। मेरे दोस्त का नाम विरल लाडवा है और वह भी मेरे साथ बैंक में ही काम करता है। पिछले दिनों हमें बैंक से 4 दिन की छुट्टी मिली थी तो विरल बोला की चल यार दीव घूम आते हैं। मुझे भी दीव का मस्त समंदर किनारा घूमने का मन था तो मैंने फौरन हाँ कर दी। उसी रात बस पकड़ कर हम दोनों दिव के लिए निकल गये। होटल तो ऑनलाइन बूक कर लिया था तो फौरन वहाँ जा कर फ्रेश हो गए। रात की सफर की थकान उतार कर एकाद घंटे में हम समंदर की और लटार मारने निकाल पड़े। छुट्टीयों का सिज़ेन था तो समंदर पर फ़ोरेनर्स की भरमार थी। छोटे छोटे कपड़ों में फिरंगी सैलानी मगर मच्छ की तरह रेत पर पड़े पड़े सुबह की नरम धूप सेक रहे थे। मै और विरल तो यह नज़ारा देख कर खुसी से झूम उट्ठे,,, ऐसा लग रहा था की जैसे जन्नत में आ गए। घूमते घूमते हमारी नज़र धूप सेक रही, एक गोरी चिट्टी जवान लड़की पर पड़ी,,, शायद वह अकेली थी। विरल बोल...