ललित का भयानक प्रेत, जिसका गुस्सैल चेहरा आज भी आँखों के सामने है | Lalit ka Bhayanak Pret
मेरा नाम हिरल महेता है और मेँ सूरत का रहने वाला हूँ। जी॰ एस॰ रोड पर हमारी किराने की बड़ी दुकान है। आज मुझे हमारी दुकान पर काम करने वाले ललित के बारे में बात करनी है। ललित वैसे तो एक महेनती लड़का था, पर शायद उसे कुछ दिमागी तकलीफ थी। उसे गुस्सा काफी जल्दी आ जाता था, और वह थोड़ा मुह-फट भी था। गरीब घर का लड़का समझ कर हम उसे काम तो दे दिया, पर हमे मालूम नहीं था की येही हमारी सब से बड़ी गलती साबित होगी। आज ललित तो इस दुनिया में नहीं है पर ललित का खौफनाक प्रेत दुकान पर दिन रात मंडराता रहता है। एक साल पहले एक दुखियारी औरत हमारी दुकान पर आई, उसने हाथ जौड कर कहा की मेरे बेटे के लिए कुछ काम ढूंढ के दीजिये। मेरे पापा नें फौरन उन्हे कहा की आप के बेटे को कल से यही काम पर भेज दीजिये। इस तरह ललित को जाने बिना ही काम पर तो रख लिया पर धीरे धीरे ललित का गुस्सैल स्वभाव सामनें आने लगा, तब ललित हमारे लिए मुसीबत बन गया। पापा नें उसे कई बार समझाया पर उस लड़के पर कोई असर नहीं हुआ। एक दिन ललित हमारे पुराने ग्राहक से जगड़ पड़ा और वह ग्राहक बिना सामान लिए दुकान से चला गया। मेरे पापा को और मुझे काफी गुस्सा आया। चूँकि अब ल...