एक ऐसा कुंवा Haunted Well in Japan , जहा रात ढलते ही जग उठी आत्मा ,खीच लेती नरक में
दुनिया के किसी भी कोने में चले जाओ Haunted Well in Japan आपको कुछ ना कुछ अद्भुद और अलौकिक देखने को मिल जाएगा | यह संसार अलौकिक शक्तियों से भरा हुआ है जहा इंसान अपनी जिन्दगी और मौत के बीच संगर्ष करता रहता है और यदि वह सफल नहीं हो पावे तो मरने के बाद भी किसी ना किसी रूप में अंजाम देने की कोशिश करता है | यह किस्सा भी ऐसे संगर्ष से जुडा हुआ है
यह किस्सा जापान में ओकिकू नामक आत्मा से जुडा है | ओकिकू किसी व्यक्ति की आत्मा नहीं बल्कि वह आत्माएं होती हैं जो कुएं में रहती Haunted Well in Japan हैं. जापान में कुएं से निकलने वाली आत्माओं से जुड़े बहुत से किस्से मशहूर हैं इन किस्सों में एक महिला हर रात कुएं में से निकलकर पानी भरने आती है. जापान में इन कहानियों पर कई फिल्में और नाटक भी बन चुके हैं| आपने एक हॉलीवुड प्रसिद्ध फिल्म द रिंग और द रिंग २ देखी होगी जिसमे आपको वो दृश्य याद ही होगा जिसमे कुए से निकलकर बच्चे की आत्मा सीधे टीवी से बाहर आती है | जापानी भूतों में ओकिकू Haunted Well in Japan सबसे पुराने किस्म के भूत हैं. निश्चित तौर पर तो कुछ नहीं कहा जा सकता कि इनका उद्भव कब हुआ लेकिन इनके होने का सबसे पहला प्रमाण सोलहवीं शताब्दी में प्राप्त हुआ था.

जापान में तीन प्रकार के भूत होते हैं,ओबाके,यूकई,यूरेई. जापानी लोगों का मानना है कि ओकिकू आत्मा के रूप में भटकती हैं. यह रात को कुएं से बाहर आती हैं और अपने दुश्मनों से बदला लेकर वापस कुएं में चली जाती हैं. जापान में ओकिकू पर आधारित कई लघु नाटक भी प्रदर्शित किए गए हैं|ओकिकू से जुड़ी अधिकांश कहानियां टोक्यो गार्डन में स्थित कनाडियन एंबेसी परिसर में स्थित कुएं से जुड़ी हैं. यहां तक कि अब इस कुएं को ओकिकू वेल ही कहा जाने लगा है. इस कुएं का पानी कोई नहीं पीता. हालांकि यह बात कोई नहीं जानता कि इन कहानियों के पीछे कितनी सच्चाई है.
ओकिकू की पहली कहानी बन्चो सारायाशिकी जुलाई 1741 में टोयोटाकेका थिएटर में प्रदर्शित की गई थी. इस कहानी में बंचो नामक महिला एक समुराई के घर नौकरानी थी. समुराई उसपर प्रेम संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था लेकिन बंचो हर बार इंकार कर देती. समुराई ने क्रोधित होकर उस पर चोरी का इल्जाम लगा दिया और उसके सामने शर्त रखी या तो उसकी बात मान ले या फिर उसे सब के सामने चोर बना दिया जाएगा|निराश बंचो ने कुएं में कूदकर अपनी जान गंवा दी और वह ओकिकू बन गई. तब से हर रात ओकिकू कुएं से बाहर निकलती है और पूरी रात भटकती रहती है. सुबह की पहली किरण के साथ ही वह वापस कुएं में चली जाती है. यह सिलसिला हर रात चलता है |

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