घुटन :- एक बेचैन कर देने वाली दास्तां
आप सभी पाठको का फिर से स्वागत है मित्रो , दोस्तों हमारे शास्त्रों में हमेशा ये कहा गया है कि जब भी हम जीवन के कोंई महत्वपूर्ण काम करे तो पुरे विधि विधान के साथ सम्पन्न करे, तो उसका परिणाम हमे शुभ और मंगलकारी ही मिलते है , लेकिन अगर हम इन महत्वपूर्ण कार्यो में हम अपनी मनमानी करने से बाज़ नहीं आते तो इसके हमे काफी विपरीत और भयानक परिणाम महसूस करने और देखने को मिलते है,हमारे पूर्वजो से आपने ये परंपरा तो सुन ही रखी होंगी, की विवाह,मकान,गाड़ी,पशुधन आदि आदि,,, ये सभी काम मुहुर्त देखकर ही करने चहिये| आज मेरा ये वृतांत इसी पर ही है,,, दोस्तों सुनिये , ये बात काफी पुरानी है शायद १९९१ से १९९२ के लगभग की घटना है, हमारे पड़ोस में एक किरायेदार रहा करते थे, उनकी सर्विस ” टू व्हीलर ” कंपनी में एक मैकेनिक की थी उनकी प्रवृति नास्तिक थी, और उनकी पत्नी और बच्चे काफी धार्मिक थे उनके बीच में हमेशा इसी बात को लेकर झगड़ा होता था कि जब भी कोंई धार्मिक समारोह होता जैसे कोंई साधू संत का प्रवचन होना हो या कोंई झांकी को, या फिर पड़ोस में किसी के भी यहाँ भजन मंडली का कार्यक्रम हो तो उनकी पत...