एक ऐसा कब्रिस्तान Capuchin Catacombs जिसने शवो को पिछले 500 सालो से जीवित रखा है

प्राचीन इटली निवासियों की परंपराएं Capuchin Catacombs जितनी प्राचीन हैं उससे कहीं ज्यादा ये तत्कालीन समाज में हुए  रहस्यमयी और अलौकिक मान्यताओं को पेश  करती हैं.palermoइटली के सिसली नगर में कापूचिन कैटाकॉम्ब Capuchin Catacombs नामक एक ऐसा कब्रिस्तान है जहां शवों को दफनाया नहीं जाता था बल्कि उनकी ममी बनाकर उनको दीवारों पर लटका दिया जाता था. शवों पर इस प्रकार के  रासायनिक पदार्थ लगा दिए जाते थे जिसके कारण वह ना तो खराब होते हैं और ना ही दुर्गंध छोड़ते हैं यहा पर सन 1500 से लेकर 1920 तक की  लगभग 8000 ममी का संग्रह है

सिल्वेस्ट्रो ऑफ गूबियो
सिल्वेस्ट्रो ऑफ गूबियो

1599 में ब्रदर सिल्वेस्ट्रो ऑफ गूबियो की ममी बनाने के साथ यह सिलसिला शुरू हुआ था जो की यहाँ की सबसे पुरानी ममी है | इस कब्रिस्तान की कहानी जितनी डरावनी है यहां पहुंचने का रास्ता भी बहुत भयानक है. कोई कमजोर दिल का व्यक्ति शायद अपने जीवन में यहां जाने की कल्पना भी नहीं कर सकता | एक अंधेरे रास्ते से गुजरती सीढ़ियां आपको इस कब्रिस्तान तक पहुंचाती हैं

Teacher’s Department
Teacher’s Department

कब्रिस्तान के दरवाजे पर साफ तौर पर लिखा गया है कि यहां आने वाले, अपनी सभी उम्मीदें छोड़ दें जिसे पढ़कर आप वापिस जाने का विचार भी बना सकते हैं. कब्रिस्तान के भीतर सैकड़ों शरीर दीवारों पर टंगे हैं. कुछ तो आपकी ओर ऐसे देख रहे हैं जैसे आपको जीवित देखकर उन्हें अच्छा नहीं लग रहा|उल्लेखनीय है कि इस कब्रिस्तान में शवों को उनके सामाजिक दर्जे और स्थान के आधार पर जगह दी गई है. जो तत्कालीन समाज में व्याप्त सामाजिक और जातिगत भेदभावों की हकीकत बयां करता है.

screamin

सबसे पहला स्थान इस कब्रिस्तान की स्थापना करने वाले संतों को दिया गया है. संतों के बाद पुरुषों की श्रेणी रखी गई है. सभी पुरुषों ने अपने जमाने के कपड़े पहन रखे हैं. इसके बाद है महिलाओं का सेक्शन, जिसमें कुंवारी कन्याओं की पहचान के लिए उनके सिर पर धातु से बना बैंड पहनाया गया है|

कापूचिन कैटाकॉम्ब
कापूचिन कैटाकॉम्ब

यहां प्रोफेसर, डॉक्टर्स और सैनिकों के सेक्शन भी अलग हैं|हालांकि 1871 में ब्रदर रिकाडरे ने यह परंपरा बंद करवा दी थी. लेकिन वर्ष 1920 में रोसालिआ लॉबाडरे नामक एक बच्ची के शव की भी यहां ममी बनाई गई. बच्ची के शव को बचाए रखने के लिए इस पर कौन सा केमिकल लगाया गया है यह बात अभी तक कोई नहीं जानता. 1920 में जिस बच्ची का देहांत हो गया आज भी उसे देखकर कोई यह नहीं कह सकता कि यह जीवित नहीं है. इसलिए इस ममी का नाम स्लीपिंग ब्यूटी रख दिया गया है.

Rosalia Lombardo The Sleeping Beauty – 1920
Rosalia Lombardo
The Sleeping Beauty – 1920

अगर आप इस कब्रिस्तान Capuchin Catacomb sको देखने के लिए योजना बना रहे हों  तो एक बार सोच ले क्यूंकि यहां जाने के लिए आपको बहुत साहस रखना पड़ेगा |

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