एक ऐसी परम्परा जो मरने के बाद परिजनों से कराती लाश की दुर्दशा Sky Burial in Tibet
तिब्बत देश की एक परंपरा Sky Burial के अनुसार मृतकों के क्रियाकर्म की अनोखी और प्राचीन प्रथा प्रचलन में थी जिसके अनुसार मृत व्यक्ति के शरीर के छोटे-छोटे मांस के टुकड़ों को चाय और याक के दूध में डुबो कर उन्हें भूखे गिद्धों के सामने परोस दिया जाता थाजिसे कोई और नहीं बल्कि मृतक के परिजन कूद ही करते थे.
एशियाई देशो में लाश को दफनाना, जलाना, नदी में बहाना ये तो हमें पता है लेकिन लाश के टुकड़े करके उसे गिद्धों के सामने डाल देना वाकई अविश्वसनीय और आश्चर्यजनक है. इस प्रथा में एक और चीज आपके होश उड़ा देगी कि यह लोग मृतक के मांस के टुकड़े तो गिद्धों को डालते ही थे साथ ही जब गिद्ध मांस के टुकड़े खाकर उड़ जाते थे तो बची हुए हड्डियों को भी कूटकर दुबारा कौवों और बाज को खिलाते थे.
मौत के बाद होने वाली शवों की ऐसी दुर्दशा को तिब्बतवासी एक परंपरा मानते हैं. उनका ऐसा मानना है कि ऐसा करने से मृतक जल्दी भगवान के पास पहुंच कर दूसरा जन्म लेता है. इसके पीछे दूसरी मत यह भी है कि तिब्बत की जमीन पथरीली है इसलिए वहां जमीन में दफनाना थोड़ा मुश्किल काम होता है साथ ही जलावन सामग्री और ऊर्जा की कमी की वजह से यह प्रथा प्रचलन में आई थी |
हालांकि चीन देश की कम्युनिस्ट सरकार ने 1960 के दशक में इस अजीबोगरीब प्रथा पर रोक लगा दी थी लेकिन 1980 के दशक में यह प्रथा फिर से देखने में आई. यह प्रथा बेहद क्रूर तो है ही साथ ही इससे प्रकृति को भी नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है
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वैधानिक चेतावनी :-कमजोर दिल वाले और बच्चे इस लिंक पर क्लीक ना करे ये पोस्ट आपको भ्रमित कर सकती है


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