बरसात की रात बस में बुरा फसे कंडक्टर अंकल
आज जो आपको घटना बताने जा रहा हु वो हमारे पड़ोसी परमेश्वर लाल अंकल के साथ घटी एक सच्ची और बेहत ही डरावनी घटना है।वो बस में कंडक्टर है जब ये घटना घटी तब उनकी ड्युटी आजम घढ़ नाम के एक गावं में लगी हुई थी। उस रात बस का ड्रायवर और कंडक्टर सिर्फ दो ही लोग थे बस में बाकी पुरी बस खाली हो चुकी थी । सुनसान सडक उस पर जोरदार बारिश चालू थी, ऐसे में एक औरत उनके बस के सामने खडी थी बारिश की वजह से उसका बदन पुरी तऱह भिग चुका था वो बस को रुकने के लिये हाथ दिखा रही थी उसने अपने शरीर को एक रेनकोट में लपेट रखा था । इसलिये उसका चेहरा साफ नजर नाही आ रहा था एक तो अकेली औरत उपर से इतनी बारिश ड्रायवर को उसके उपर तरस आया इसलिये उसने इंसानियत के नाते गाडी खाडी की |
वह औरत बस में चढी और सीधे पीछे की सीट पर जा कर बैठ गयी । कंडक्टर अंकल उसे सामने बैठने के लिये कह रहे थे । फिर उसने सुनकर भी अनसुना कर दिया कंडक्टर अंकल ने फिर से टिकीट के लिये पुछा फिर भी उसने कोई प्रतिक्रिया नही दि । उसका चेहरा पूरी तरह ढखा हुआ था ।कुछ देर बाद उसने अपना सर उपर उठाया। और जो नजरा दिखा वह देखकर कंडक्टर अंकल पूरी तरह चकरा गए वह झट से पीछे की तरफ हुए . उसकी आंखे तापते लोहे की तरह लाल हो चुकी थी ।
उसके हाथ और पैर उलटे थे ।

इतने में बस भी खराब हो गयी थी बस जगह पर रुक गयी । कंडक्टर अंकल और ड्रायवर दोनो घबरा गये थे डर के मारे दोनो के पसीने छूट रहे थे ।दोनो जानचुके थे की अब उनकी मृत्यू निश्चित है । और वो औरत जिसे उन्होने लिफ्ट दि थी वह एक औरत नही बल्की एक चुडेल है । दोनो ने उसे बस से बाहर निकालने का बोहत प्रयास किया पर सब बेकार था ।उस खौफनाक चुडेल के सामने दो इन्सान की ताकत कम पड रही थी । वह चुडेल उनकी तरफ देखकर हस रही थी ।
आखिरकार ड्राईवर अंकल ने हिम्मत करके उसके हाथ मे रखी पोटली उठाई और झट से खिडकी से बाहर फेंक दि । उसके पीछे पीछे वह चुडेल भी खिडकी से कुद गयी ।ड्रायव्हर ने ज्यादा टाईम ना गवाते हुये झट से गाडी निकाली और नौ दो ग्यारह हो गये । वह चुडेल भी उनके पीछे पीछे भागती रही पर वह उन्हे पकडने में असफल रही । वह लोग उसकी हद्द से आगे जा चुके थे बाद में वह अदृश्य हो गयी ।उस दिन के बाद परमेश्वर लाल अंकल ने अपनी ड्युटी छोड खेती करणे का फैसला किया ।
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