एक परिवार जिसकी रूह आज भी उस मकान में भटकती है Family Ghost in House
नमस्कार मित्रो मेरा नाम अमित है मै उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का रहने वाला हु | ये कहानी Family Ghost in House मेरे बचपन की है जब मै 10 साल का था | मैं हर सर्दी की छुट्टियों में अपनी मौसी के घर शिमला घुमने जाता था | सन 2002 में जब मै अपनी मौसी के यहाँ गया था तब उन्होंने अपना दूसरा नया मकान लिया था | मेरे मौसाजी एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते है और वो अक्सर टूर के सिलसिले में बाहर ही रहते है |

मै पहली बार उनके नए घर को देखा क्यूंकि इससे पहले वो अलग घर में रहते थे | जैसे ही मैंने उनके नए घर में प्रवेश किया तो मुझे उनके घर में एक अजब सा डर और सिहरन पैदा हुई जैसे कोई गूंजती हुई आवाज़ कानो में आ रही हो | मैंने सोचा नया घर है और इन सब बातो को नकार दिया | मेरी मौसी का बच्चा उस समय 2 साल का था और मैंने अपने सामान को जमाकर उसके साथ खेलने लग गया |
आप जानते ही हो कि शिमला में कितनी ठण्ड पड़ती है उस रात भी वहा बड़ी जोरो की ठण्ड लग रही थी और टीवी देखेने के बाद 11 बजे हम सोने को चले गये | उस पुरे घर में मेरी मौसी , मेरे कजिन और मेरे अलावा कोई नहीं था और वो घर भी काफी बड़ा था इसलिए रात को अजीबो गरीब आवाज़े सुनाई दे रही थी |
रात को 1 बजे की आस पास मुझे दो जनों के बात करने की आवाज़े आ रही थी | मैंने डर गया कि मौसी के अलावा कोई घर पर नहीं था |मैं अपने बिस्तर से उठकर दरवाज़े के पास गया और देखा कि हॉल में एक आदमी और औरत एक बच्चे को हाथ में लिए रो रहे थे |
ये देखकर मेरी साँसे फूल गयी और मेरे पैर जैसे जम गये | मैंने बिना पलक झपकाए उन्हें देखता रहा और जैसे ही मैंने अपनी पलक झपकाई और वो गायब हो गये | यह देखकर मै वही बेहोश हो गया |
सुबह जब मौसी कमरे में आयी तो उन्होंने मुझे दरवाज़े के पास फर्श पर लेटा हुआ देखा और मुझे जगाया | मेरा शरीर भट्टी की तरह तप रहा था | मुझे बड़ा जोरो से ठण्ड लगकर बुखार आ गया था क्यूंकि उस तेज ठण्ड में रात भर फर्श पर पड़ा रहा |मेरे मौसी ने तुरंत अपने महिला डॉक्टर मित्र को घर बुलाकर दवाइया दी |
जब मै नार्मल हुआ तो मैंने मौसी को रात की पुरी घटना सुनाई | यह सुनकर मौसी सब समझ गयी और मौसी ने आह भरते हुए उस घर की पुरी घटना मुझे सुनाई |
मौसी ने मुझे बताया कि आज से पांच साल पहले यहाँ एक परिवार रहता था जिसमे पति पत्नी और उनके दो बच्चे रहते थे | उस आदमी का शेयर मार्केट का बिसनेस था उस समय उनको शेयर मार्केट में लाखो रूपये का घाटा हुआ और पैसो के बोझ तले दब गये | उनकी सारी जमीने बिक गयी और केवल यही मकान बचा था | तो पैसो की तंगी को देखते हुए उसने अपने दोनों बच्चो और पत्नी को जहर देकर मार दिया और खुद फांसी पर लटक गया |
तब से उस परिवार की आत्मा इसी मकान में भटकती रहती है हालांकि पड़ोसियों द्वारा हमे पता चला कि इस घर में ये आत्माए किसी को नुक्सान नहीं पहुचाती है लेकिन फिर भी कई लोगो ने इस कहानी को सुनकर यह घर नहीं लिया |बस केवल रात को बच्चे के रोने की आवाज़े आती थी | उसकी मौसी ने बताया कि यह घर उनको सस्ते में मिल रहा था इसलिए ले लिया |
इस घटना के 2 महीने बाद ही मेरी मौसी ने भी वो मकान बदल दिया क्यूंकि उस घर में उनके बच्चे की तबियत ठीक नहीं रहती थी | हालांकी इस घटना के बाद मैं शिमला पांच सालो तक नहीं गया |
इस तरह मित्रो अगर किसी घर में अप्रिय घटना अगर हो जाती है तो उस घर में हवन यज्ञ करवाकर की रहना चाहिए | मेरी मौसी ने येही गलती की थी जिस कारण उनको वो घर छोड़ना पडा|
तो मित्रो अगर आप में से भी किसी के साथ यदि घर में कोई अजीबो गरीब घटित हुआ हो तो हमे कमेंट के जरिये बताये या आप हमे अपनी कहानी निचे दिए लिंक पर भेज भी सकते है
http://indianghoststories.com/submit-your-ghost-story/
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