हिमाचल की पहाडियों की दुल्हन Himachal Ke Pahadiyo ki Dulhan ki Aatma
Himachal Ke Pahadiyo ki Dulhan ki Aatma
मित्रो मेरा नाम आकाश है और मै मध्य प्रदेश के इंदौर जिले का रहने वाला हु | आज जो किस्सा Himachal Ke Pahadiyo ki Dulhan ki Aatma मै आपको सुनाने जा रहा हु वो एकदम सच्ची घटना है जिसे यादकर आज भी मेरी रूह काँप जाती है |तो यह किस्सा तब का है जब मैं कॉलेज में था और मेरा एक मित्र सुनील जो कि शिमला रहता था उसने मुझे घुमने के लिए वह बुलाया | वो मेरे बचपन का दोस्त था और उसके पिताजी की वन विभाग में ट्रान्सफर होने से वो शिमला चले गए | मैं जब रेल से शिमला पंहुचा तो वहा रास्ते में शिमला के प्राकुर्तिक सौन्दर्य को देखकर मेरे दिल को सुकून मिला कि ऐसी घाटियों में कितना आराम है |
जैसे ही मै स्टेशन पंहुचा सुनील मुझे लेने वहा आ गया | उसके पास स्कार्पियो गाडी थी | रास्ते में बाते करते हुए घर पहुचे | रात को खाना खाया और फिर अगले दिन घाटी में घुमने का विचार बनाया |सुनील ने अपनी स्कार्पियो लेली और हम घाटी की तरफ चल पड़े |हमने नार्मल रूट से ना जाते हुए शॉर्टकट से जाने का निश्चय किया | उस दिन काफी कोहरा छाया हुआ था और सुनील गाडी बड़ा धीरे चला रहा था | ऐसे घने कोहरे में गाडी चलाना बड़ा कठिन हो रहा था | तभी अचानक से पीछे से एक कार आयी और टक्कर मार दी | सुनील के सर पे चोट लगने से वो बेहोश हो गया और मैं कार का गेट खुलने से निचे गिर गया और पैर में चोट आ गयी |
मैं अपनी अधखुली आँखों से मदद के लिए पुकार रहा था | वो ऐसा सुनसान रास्ता था जहा से बहुत कम गाडिया ऐसे मौसम में आती थी | मदद के लिए पुकारते समय पीछे मुड़ा तो एक औरत दिखाई दी | मैं चोंक गया की ऐसे सुनसान रोड पर ये औरत कहा से आयी | मैंने सोचा जिस कार ने टक्कर मारी उसमे बैठी कोई लडकी होगी |लेकिन उस समय चोट के दर्द की वजह से बोल भी नहीं पा रहा था | उस औरत ने नयी Dulhan दुल्हन वाले कपडे पहन रखे थे उसके बाल गीले और चेहरा उदास था |
लेकिन जब मेने उसके शरीर पर एक भी चोट का निशान नहीं देखा तो मैं घबरा गया कि इतना भयानक एक्सीडेंट के बावजूद एक खरोंच तक नहीं | मैं लडकी का चेहरा देखने की कोशिश कर रहा था लेकिन कमजोरी की वजह से उठ नहीं पाया |उस समय मेरी आँखे फटी की फटी रह गयी जब मेने देखा की उसके पैर पीछे की तरफ थे |मेरा दिल थम गया साँसे फूलने लगी | भगवान से प्रार्थना करने लगा और बिना चोट के दर्द की परवाह किये हिम्मत से भागने लगा |थोड़ी दूर चलने पर सामने से एक कार आयी और वो कार के सामने खड़ा होकर हाथ हिलाने लगा | उस कार वाले ने कार रोकी और मेंने सारी घटना बताई और उसने एम्बुलेंस को फ़ोन किया | हालंकि ज्यादा चोट नहीं आने से हम दोनों बच गये |
जब मैंने सुनील के घरवालो के ये घटना बताई तो उन्होंने कहा कि यहाँ पहाडियों में अक्सर हादसे होते रहते है और ऐसे किसी हादसे में किसी की रूह को सुकून ना मिले तो वो राहगीरों को परेशान करती है हालंकि उसने मुझे कोई नुकसान नहीं पहुचाया|लेकिन जो औरत वहा मुझे दिखाई दी उसके बारे में सोचकर आज भी मै घबरा जाता हु |तो दोस्तों आपको मेरी आप बीती कैसी लगी अगर आपको पसंद आये तो लाइक और शेयर करना ना भूले ताकि मेरे जीवन की कुछ ओर आप बीती आपको सुना सकू|
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