मूर्तियों के दूध पीने का रहस्य , जो आज भी विज्ञान में रहस्य बना हुआ है Mystery of Statues Drinking Milk
मित्रो 21 सितम्बर 1995 का दिन कौन भूल सकता है | 21 सितम्बर 1995 गुरुवार के दिन नयी दिल्ली के एक मंदिर में सुबह पूजा के वक़्त हिन्दू देवता गणेश जी की प्रतिमा को दूध पिलाने की अर्चना की जा रही थी उसी वक़्त सभी यह देखकर चोंक गए कि गणेश जी की प्रतिमा ने चम्मच से सारा दूध पी लिया | और यही बात आग की तरह फ़ैल गयी | इस बात को लोग मजाक ना मानते हुए मंदिरों की तरफ चल पड़े |
और आपको यह सुनकर आश्चर्य होगा कि ये केवल ना केवल भारत बल्कि पुरे एशिया और दुनिया के कई स्थानों पर भी हुआ |दक्षिणी अमेरिका और अफ्रीका ने इस अदभुद चमत्कारिक घटना को कैमरे में भी कैद किया | होन्ग कोंग के एक मंदिर में पुरे 20 लिटर दूध प्रतिमा ने पी लिया | 22 सितम्बर की सुबह इस चमत्कारिक घटना बंद होकर मूर्तियों ने दूध पीना बंद कर दिया |
http://youtube.com/watch?v=tzhfPSxkdb4
इस चमत्कार को चंद्रा स्वामी नाम के तांत्रिक ने उसके द्वारा चमत्कार बताया लेकिन दो दिन जेल के बाद उसकी कही बाते गलत पायी गयी
धर्मानुनायी क्या सोचते है ??
हिन्दू धर्म के साधको के अनुसार स्वर्ग से आशीर्वाद देने के लिए स्वयं प्रभु धरती पर आये है | इस चमत्कार को देखकर लोगो को दृद विश्वास होगया कि भगवान इस दुनिया में है |
वैज्ञानिक क्या सोचते है ??
दुनियाभर के वैज्ञानिको का मानना है कि दूध मूर्तियों द्वारा अवशोषित क्र लिया गया बल्कि पीया नहीं गया |उनके अनुसार संगमरमर की चिकनी परत पर अणुओं के द्वारा एक कैपिलारी चैनेल बन गया जो कि उन द्रव को आसानी से अवशोषित कर लेता था | इसकी लेयर इतनी पतली थी कि जिसे सीधे आँखों से देख पाना संभव नहीं था |
निष्कर्ष
धर्मानुनायी और वैज्ञानिकों का तर्क अपनी जगह सही है लेकिन इस बात को 18 से भी ज्यादा साल हो गये है लेकिन विज्ञान भी इसका सटीक जवाब नही खोज सका है कि किस तरह मूर्तियों द्वारा इतनी मात्रा में दूध कैसे पिया जा सकता है |
आपका क्या कहना है ?????????
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