ऊंटी की पहाडियों का एक रास्ता ,जहा पीछे पड़ गया साया Ooty Ghost Stories
मित्रो मेरा नाम रामानुज श्रीगनेषण है और मै चेन्नई का रहने वाला हु | आज मै जो आपको घटना सुनाने जा रहा हु वो 1998 में मेरी बैंक की पोस्टिंग ऊटी की पहाडियो में स्थित कुनूर ब्रांच में लगी थी | उस समय मेरी नयी नयी बैंक में जॉब लगी थी इसलिए मै निलगिरी की पहाडियों में अपने जॉब का आनन्द ले रहा था | उस समय में अधिकतर लोगो के पास साइकिल हुआ करती थी लेकिन टशन में रहने के लिए मेरे दोस्त और कॉलेज के दोस्त अक्सर स्कूटर पर घुमा करते थे | मेने भी एक स्कूटर खरीद रखा था |
एक दिन शाम की 6 बजे मै स्कूटर लेकर अपने दोस्त से मिलने के लिए उप्पर कुनूर के लिए निकला | रास्ते में बेडफ़ोर्ड सर्किल के पास चाय की दूकान पर चाय पीने के लिए रुका जिसकी चाय बहुत बढ़िया है | 15 मिनट के बाद जैसे ही स्कूटर पर बैठा तो मुझे स्कूटर पर भारीपन महसूस हुआ | किक मारने से पहले मै स्कूटर को थोड़ी देर पैदल ले जा रहा था | उसके बाद मैंने किक मारकर स्कूटर पर बैठ गया और थोड़ी दूर चलते ही मुझे किसी के पीछे बैठे होने का आभास हुआ | मैंने पीछे मुडकर देखा तो पीछे कोई नहीं था|
शुरू में तो मुझे कुछ महसूस नहीं हुआ लेकिन कुछ देर बाद डर महसूस होने लगा | मेरे एक किलोमीटर की रास्ते में कई बार मेने पीछे मुडकर देखा लेकिन हर बार कोई नहीं था |जैसे ही मैंने माउंट रोड स्थित तालाब पार हुआ मुझे स्कूटर पे हल्कापन महसूस हुआ जैसे कोई साया जो पिछले आधे घंटे से मेरे साथ हो और उडकर चला गया हो | मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे लेकिन अब मेने थोड़ी राहत महसूस की |
जब मेरे रूममेट को ये सारी घटना बताई तो उन्होंने इसे मजाक मानकर मुझ पर हसने लगे लेकिन ऑफिस के स्वामी सर ने बताया कि कुछ सालो पहले बेडफ़ोर्ड सर्किल से तालाब तक उनको और उनके कुछ साथियो को भी कुछ ऐसा ही महसूस हुआ था लेकिन मजाक बन जाने के डॉ से उन्होंने ये घटनाए किसी को नहीं बतायी |
जब कई साल वहा रहने पर मैंने उस जगह का मुआयजा किया तो पता चला कि उस तालाब में डूबने की वजह से कई लोगो की जाने चली गयी तब से उस पहाड़ी इलाके में रहो का बसेरा है हालांकि वहा से किसी को नुकसान पहुचने की घटना तो सामने नहीं आयी | लेकिन आज भी जब ऊटी के उस रास्ते Ooty Ghost Stories को सोचता तो मेरी रूह काँप उठती है
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