एक गाँव जहा 550 साल पुराने शव की होती है पूजा | 550 Years Old Naturally Preserved Mummy
इस पोस्ट का टाइटल पढकर आपको अजीब लग रहा होगा कि शवो की पूजा किस तरह होती है लेकिन यह कैसे संभव है | भारत में हिमाचल की पहाडियों में एक ऐसा गाँव है जहा आज भी मृत देह की पूजा होती है जिसके बाल और नाख़ून कई सालो से बढ़ रहे है | क्या है इस 550 Years Old Naturally Preserved Mummy ममी का रहस्य , आइये जाने
भारत के हिमाचल प्रदेश में लाहुल स्पीती जिले में गीयु नाम का गाँव है | यहाँ के लोगो ने एक 550 साल पुरानी ममी को सहेज के रख रखा है जिसे देखने पुरे देश और दुनिया के लोग आते है | इस ममी को मिस्त्र की ममीज़ की तर्ज पर नहीं होने के बावजूद अभी तक अच्छी अवस्था है लेकिन अब पर्यावरण में बदलाव के चलते इसमें बदला नहीं गया तो इसका अस्तित्व भी मिट सकता है | कौन थी यह मृत देह मम्मी और कहां मिली थी?
इस ममी को Indo-Tibetan Border Police (ITBP) के जवानो ने खुदाई के दौरान बर्फ से दखा हुआ पाया | पहले तो स्थानीय निवासियों ने इसे मिट्टी के घर में संभालकर रखा लेकिन 1975 के भूकम्प में ये ममी थोड़ी क्षतिग्रस्त हो गयी | जब सरकार का ध्यान इस प्राचीन धरोहर पर गया तो उन्होंने इसकी जिम्मेदारी ली और इस स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया | यहा ममी को एक शीशे के केबिन में रखा है जहा इसके बाल और नाख़ून बढ़ते रहते है | अब आप सोच रहे होंगे कि इनकी हिफाजत कौन करता होगा ?? गाँव वाले या सरकार आइये जाने
इस ममी को स्थानीय गाँव के परिवार बारी बारी से देखभाल करते है और गाइड का काम भी वो ही करते है | वो बताते है कि आज से 550 साल पहले ये ममी एक संत की थी जिन्होंने इस गाँव को बिच्छुओ से बचाने के लिए खुद को जमीन में दफन करने का उपाय बताया | और जैसे ही इन्हें जमीन में दफन किया तो वो गाँव बिच्छुओ से मुक्त हो गया | फिर वो लापता रूप से बर्फ में दब गए फिर उसका पता जवानो ने लगाया |
इस तरह मिस्त्र की तरह भारत में इस ममी ने अपना ध्यान दुनिया की तरफ खीचा है जिससे भारत का गौरव बढ़ा है | अगर आपको भी भारत के रहस्यों के बारे में कुछ जानकारी हो तो हमे कमेंट के द्वारा बताना ना भूले
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