बेताल पच्चीसी - पहली कहानी - सूर्यमाल और उसकी दुल्हन का धर्म संकट Baital Pachisi First Story
जैसा कि हमने आपको बताया था कि किस तरह बैताल विक्रम के कंधे पर चढ़ जाता है | अब वो अपनी पहली कहानी सुनाता Baital Pachisi First Story है | बहुत समय पहले की बात है पाटलिपुत्र में एक प्रसिद्ध माता का मंदिर था जहा दूर दूर के गाँवों से लोग दर्शन करने आते थे | एक दिन दुसरे गाँव से सूर्यमाल और चंद्रसेन नाम के दो युवक माता के दर्शन करने आये | सूर्यमाल ने माता के दर्शन करके जैसे ही पीछे मुड़ा तो उसे एक सुंदर स्त्री प्रार्थना करते हुई दिखी | सूर्यमाल उस स्त्री को देखकर मोहित हो गया और उससे विवाह रचाने का निर्णय किया | उसने ये बात अपने मित्र चंद्रसेन को बताई |
चन्द्रसेन ये सुनकर बहुत अचम्भित हुआ और उसने अपने दोस्त को लडकी के पिता से बात करने का सुझाव दिया | दोनों गाँव में पूछते पूछते उस लडकी के घर पर जा पहुचे और उसके पिता के सामने शादी का प्रस्ताव रखा | पहले तो उसका पिता आश्चर्यचकित हो गया कि ये अनजान युवक कैसे मेरी लडकी से शादी का प्रस्ताव लेकर आ गये लेकिन लडकी के पिता ने एक शर्त पर विवाह करवाने को राजी हुए |
लडकी के पिता माता के बहुत बड़े भक्त थे और उनकी शर्तानुसार सूर्यमाल को शादी के बाद दिन में दो बार माता की पूजा करनी होगी | सूर्यमाल इस बात पर राजी हो गया और उनकी शादी हो गयी | शादी के बाद जब सूर्यमाल और चन्द्रसेन वहा से रवाना होने लगे तो लडकी के पिता ने उनको एक दिन ओर रुकने को कहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया और कहा कि “उनके घर में देवी की पूजा है और माँ ने हमे जल्दी आने को कहा ” |
अब जब वो जंगल के रास्ते अपने गाँव जा रहे थे तो लुटेरो ने आक्रमण क्र दिया और सूर्यमाल और चन्द्रसेन को धड से अलग कर दिया और लुटेरे भाग गये | जब दुल्हन अपनी बैलगाड़ी से उतरी तो उसने अपने पति को मरा हुआ देखकर खुद को मारने का निश्चय किया | तभी देवी माँ प्रकट हुई और उसको मरने से रोक लिया | देवी माँ लडकी के परिवार पर बहुत कृपालु थी इसलिए देवी माँ ने लडकी को उन दोनों के धडो को उनके शरीर से जोड़ने को कहा | धडो को लगाते ही देवी माँ ने अपने जादुई अमृत से उन दोनों को जीवित कर दिया लेकिन घबराहट में दुल्हन ने उन दोनों के धड़ो में अदला बदली कर दी | अब वो दुल्हन भ्रमित हो गयी कि किसे अपना पति चुने |
अब बैताल ने विक्रम से सवाल पूछा कि ” दुल्हन को उन दोनों में से किसे अपना पति चुनना चाहिए ???? ” उसे चुनना चाहिए जिस पर उसके पति का धड है या उसे जिस पर उसके पति का शरीर है |
विक्रम ने बड़ी सहजता और बुद्धिमानी से उत्तर दिया कि ” हमारे शरीर के सारे अंग हमारे दिमाग से नियंत्रित होते है और बाकी सारा शरीर उसी के अनुरूप कार्य करता है ,धड़ इन्सान के शरीर का महत्वपूर्ण भाग होता है इसलिए दुल्हन को उसको चुनना चाहिए जिसके साथ उसके पति का धड़ जुड़ा हो ” |
बैताल विक्रम का उत्तर सुनकर बहुत प्रसन्न हुआ और अपना मुह खोलकर फिर से पेड पर लटक जाता है | तो मित्रो ये इस बैताल पच्चीसी की पहली कहानी है | मित्रो हमारा प्रश्न ये है कि ” अगर आप उस दुल्हन के स्थान पर होते तो आपका चुनाव क्या होता ” तो मित्रो अधिक से अधिक कमेंट कर अपने विचार बताये और अगली कहानी का इंतजार करे |
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