बेताल पच्चीसी - भारतीय पारलौकिक शक्तियों पर आधारित प्रथम लेख Baital Pachisi Introduction
मित्रो पाठको के सन्देश पर अब से हम आपके लिए बेताल पच्चीसी की श्रुंखला Baital Pachisi Introduction शुरू करने जा रहे है जिसकी पच्चीस कहानिया है | जैसा कि अगर आपने दूरदर्शन पर विक्रम और बेताल नाम का सीरियल या कॉमिक्स पढी हो तो हमे इसके बारे में ज्यादा कुछ बताने की जरूरत नहीं है | अगर जिन्होंने यह सीरियल नहीं देखा है उन्हें हम बताना चाहेंगे कि विक्रम और बेताल पौराणिक लेख बेताल पच्चीसी से बनाया गया है जिसे 2500 वर्ष पूर्व महाकवि सोमदेव भट ने लिखा था |
हम इस लेख को अपने ब्लॉग पर इसलिए बताना चाहते है क्यूंकि भारतीय पारलौकिक शक्तियों पर आधारित प्रथम काव्य संग्रह है और हम इंडियन घोस्ट स्टोरीज के माध्यम से इस भारतीय विरासत को पुनर्जीवित करना चाहते है इसमें आप सभी पाठको का सहयोग बेहद जरुरी है | बेताल पच्चीसी की पहली कहानी बताने से पहले इसके पात्रो से आपको अवगत करवाते है |
मित्रो हमने विक्रम बेताल सीरियल की कहानिया जरुर याद होगी लेकिन विक्रम को बेताल किस तरह मिला इसके बारे में शायद अधिक पता नहीं होगा | विक्रम यानि राजा विक्रमादित्य उज्जैन का राजा था उसको एक योगी जब भी मिलता उसको एक फल देता था और बाद में पता चला कि उन फलो में मणियो के दाने थे | राजा ने उस योगी
का पता लगवाया और उस भिखारी ने राजा को अमावस्या के 14 वे दिन मरघट में स्थित बरगद के पेड़ के पास बुलाया | उस योगी ने राजा को दुसरे पेड़ पर लटकी लाश लाने को कहा जिससे उस भिखारी को और विक्रम को अथाह शक्तिया मिलेगी |
विक्रमादित्य ने जैसे ही उस लाश को पेड़ से उतारा तो वो लाश विक्रम के कंधे पर चढ़कर जीवित हो गयी और बेताल के नाम से जाने जानी लगी | बेताल अब विक्रम को कहानी सुंनाना शुरू करता है और अंत में एक प्रश्न पूछता है और उसका जवाब मिलते ही फिर से बरगद के पेड़ पर उल्टा लटक जाता है | यह पुरी प्रक्रिया 25 बार दोहराई जाती है क्यूंकि वो योगी बेताल से शक्तिया हासिल करना चाहता था लेकिन अंत में विक्रम ने उस योगी को मार दिया |
जैसा कि आपको नाम से ही पता चलता है कि पचीसी मतलब पच्चीस कहानिया | इस सीरियल को भारत के प्रसिद्ध पौराणिक टीवी सीरियल निर्माता रामानंद सागर ने बनाया था और इसके प्रमुख कलाकार रामायण ने राम की छवि से प्रसिद्ध अरुण गोविल ने विक्रम का किरदार निभाया था | तो मित्रो अगली पोस्ट से आपको बेताल पच्चीसी की पच्चीसों कहानिया आप तक पह्चायेंगे इसमें आप लोगो का सहयोग और समर्थन जरुरी है इसके लिए भारतीय पाठक कमेंट के जरिये अपने विचार जरुर प्रकट करे |
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