घड़ी वाले पीर बाबा , जिन्होंने 1500 साल पहले रची , हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल Naugaja Peer
मित्रो आज हम आपको भारत की एक ऐसी जगह Naugaja Peer से रूबरू करवाएंगे जो हिन्दू और मुस्लिम एकता के लिए मिसाल बना हुआ है | भारत एक धर्म निरपेक्ष देश है और बरसों से यहा हर धर्म को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है | हमारे देश में हिन्दू 80 प्रतिशत और मुस्लिम 14 प्रतिशत है और मुस्लिम अल्प्संख्यंक होने के बावजूद भारतीय सरकार हमेशा हर धर्म की सांस्कृतिक धरोहर को बरकरार रखा गया है |
हालंकि भारत में हिन्दू मुस्लिम दंगे सामान्य बात है लेकिन इन सब से परे एक ऐसी जगह भी है जहा हिन्दू और मुस्लिम एक साथ सोहार्द के साथ आते है | हमने साईं बाबा के बारे में तो काफी सुना है लेकिन पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर स्तिथ नौगजा पीर बाबा भी ऐसी एकता के प्रतीक है | कमाल की बात ये है कि उस स्थान के सामने शिवजी का मंदिर है और लोफ दोनों स्थानों पर दर्शन करते है | कौन है नौगजा पीर बाबा और कहा से आये है आइये हम इसके बारे में विस्तार से जाने
स्थानीय लोगो का मानना है कि आज से 1500 वर्ष पहले हरियाणा के शाहबाद जिले में नौगजा पीर बाबा रहते थे | वो बहुत चमत्कारी इंसान थे और उनके चमत्कार को हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने देखा | इसी चमत्कारों के चलते उनकी मौत के बाद नौदारा नाम के पुल के नीचे उनकी समाधि बना दी गयी | उनकी कब्र 37 इंच लम्बी और 15 इंच चौड़ी है और इस जगह को हरियाणा सरकार ने दर्शनीय स्थान का दर्जा दिया है |
इस जगह की खास बात ये है कि यहा चढ़ावे में लोग घड़िया चढाते है | और इस जगह पर इतनी घड़िया आती है कि इन घडियो को , इस मजार को सरक्षित करने वाली रेडक्रॉस सोसाइटी को बेच दिया जाता है | इन्हें बेचने के बाद जो पैसा आता है उसको यहा मजार की निगरानी रखने वाले लोगो को वेतन के रूप में दी जाती है | इस रास्ते से गुजरने वाला हर ड्राईवर नौगजा पीर बाबा के मत्था टेककर और घड़ी चढ़ाकर अपने सफर की शुरुआत करते है | इस जगह का नाम नौदरा हिन्दू मान्यता के अनुसार “नौ देवता ” के नाम पर पड़ा और यहा इस मजार के ठीक सामने शिवजी का मंदिर है |
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