इंसान की मौत के बाद भूत बनने का रहस्य Mystery of Became Ghost After Death
मित्रो अक्सर इस बात को नकारते है कि भूत नहीं होते है | लेकिन बहुत कम लोग जानते है कि भूत तो होते है लेकिन हर किसी व्यक्ति को नहीं दिखते है | अब आपका यह सवाल होगा कि अगर भूत होते है तो भूत बनते कैसे है | आइये आपको इस रहस्य से अवगत करवाते है |
मित्रो जैसा कि आप जानते है जब किसी इन्सान की मौत होती है तो उसका शरीर उसका साथ छोड़ देता है लेकिन उसके दिमाग के विचार , उसका व्यवहार और उसकी आत्मा इस ब्रह्मांड में विचरित करती रहती है | इन विचरित करती हुई आत्माए भूत का रूप धारण कर लेती है | ये जो आत्मा का रूप होता है वो ना आकाशलोक ने रहता है और ना ही पाताललोक में रहता है ना स्वर्ग में होता है और ना ही नरक में होता है वो इस भूलोक पर विचरण करता रहता है | अब आप सोच रहे होंगे कि अगर ऐसा होता है तो हर इन्सान भूत बनता है लेकिन ये मान्यता गलत है हर इन्सान भूत नहीं बनता है |
अपनी अधूरी इच्छा को पुरी किये बिना अगर किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो अपनी अधूरी इच्चाओ को पूरा करने के लिए उसकी आत्मा इस भूलोक पर रह जाती है | ये अपनी अधूरी इच्छाओं को बदला लेकर , दुसरे इंसानों को परेशान कर और समाज की गलतियों को मिटाकर करते है | अब आपका सोचना होगा कि अगर कोई इन्सान अपनी अधूरी इच्छा पुरी ना करना चाहता हो तो अगर फिर भी भूत बन जाता है तो इसका निर्धारण कौन करता है कि किसको मुक्ति मिल जायेगी और कौन भूत बन जाएगा आइये जाने |
जब किसी इन्सान की मौत होती है तो उसकी मौत के कई कारण हो सकते है और उन्ही कारणों के आधार पर इस चीज का निर्धारण होता है जैसे इन्सान ने अपने जीवन में कैसे कर्म किये है या इन्सान की मौत प्राकृतिक या अप्राकृतिक कारणों से हुई हो या इंसान का दाह संस्कार में कोई विघ्न आया हो | इन सभी कारणों के अलावा कई ऐसे कारण होते है जो इन्सान को भूत बनने को प्रेरित करते है |
अधिकतर वो इन्सान मौत के बाद भूत बनते है जिनकी कोई इच्छा अधूरी रह गयी हो या मानसिक नकारात्मक कारणों से मौत हुई हो जैसे आत्महत्या करना या किसी के लिए प्रतिरोध अधुरा रह गया हो या किसी के लिए जलन हो या उनकी मानसिक प्रुवृति की इन्सान को नुकसान पहुचाना हो या जिनके कर्म-कांडो में कमी रह गयी हो | वो इंसान भूत नहीं बनते है जो धार्मिक विधियों से इश्वर प्राप्त करने का प्रयास करते रहे हो या जीवन की कोई इच्छा अधूरी ना रही हो और जिनके दिमाग में मानसिक विकार कम हो | इसलिए अधिकतर संत लोग कभी भूत नहीं बनते है |
मित्रो हमारे इस लेख का उद्देश्य अन्धविश्वास फैलाना नही है अपितु वैज्ञानिक कारणों के तहत किस तरह किस तरह इन्सान मौत के बाद भूत बनते है ये बताया गया है | अगर आपको लेख पसंद आया तो अपने विचार कमेंट के जरिये बयान करे ताकि हम अगले लेखो भूतो के अस्तित्व को लेकर ओर जानकारी आपको प्रदान कर सके |
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