आत्माओं का आहवाहन – खौफ की सच्ची कहानी Communication With Spirits Story in Hindi
मेरा नाम अनन्या अरोरा है। मै दिल्ली की रहने वाली हूँ। और मास्टर्स की पढ़ाई कर रही हूँ। पढ़ाई ठीक से हो सके इस लिए हॉस्टल में रह रही हूँ। आज मै उस किस्से को शेयर करना चाहती हूँ, जिसकी वजह से मेरी और मेरी तीन सहेलियों की रातों की नींदे हराम हो गयी हैं। हर वक्त हमारे हॉस्टल के रूम में अजीबोगरीब घटनाएँ होती रहती हैं। दिल करता है की हॉस्टल ही छौड़ दें, पर हमारे इंस्टीट्यूट और कॉलेज के पास दूसरी कोई इतनी अच्छी हॉस्टल की सुविधा है ही नहीं। इस लिए हम यहीं इसी हॉस्टल में रहने के लिए मजबूर हैं।
असल में कहूँ तो इन सब की जिम्मेदार हम खुद चारों सहेलियाँ ही हैं। आज भी मुझे याद है वह दिन… जब कुनिका ने रविवार को दोपहर में मैगी बनाई थी, और उसने कहा की आज कुछ तूफानी करते हैं। रानी और ज्योति पूछने लगी की क्या करे कहो? तो कुनिका बोली की उसने इंटरनेट से एक ऐसी वैबसाइट का पता किया है, जिसमे खुद खुशी कर के मरे हुए, और अकाल मृत्यु से मारे गए लोगों की आत्मा को बुलाने का तरीका बताया गया है। मैंने रानी ने, और ज्योति ने उसे पूछा की आत्माओं को बुला कर करेंगे क्या?
कुनिका ने कहा की हम विडियो रेकॉर्ड करेंगे और रियल में आत्मा का विडियो बन गया रातो रात you-tube पर अपलोड कर के स्टार बन जाएंगे। और विडियो monetize कर लेंगे, तो उस से अच्छी ख़ासी income भी हो जाएगी। पूरे साल का पढ़ाई का खर्चा भी निकाल आएगा। कुनिका की बातें सुन कर हम तीनों भी तैयार हो गईं।
हम चारों ने फौरन उस वैबसाइट से डिटेल्स लेली। हेंडीकैम / कैमेरा निकाला और आत्माओं को बुलाने का सारा तामजाम सजा लिया। और यह चर्चा करने लगीं की किसकी आत्मा को पहले बुलाया जाए। हम चारों सहेलियाँ बॉलीवूड और टीवी की जबरी फैन हैं, तो हमने दिव्या भारती, जिया खान, और प्रत्युशा बेनर्जी की आत्माओं को बुलाने का फैसला किया। ताकि उनकी मौत का रहस्य दुनियाँ के सामने उजागर होने पर हमारा विडियो इंटरनेट पर वाइरल हो जाए।
रात के तीन बजे पूरी सामाग्री सजा कर, मै, ज्योति, कुनिका, और रानी तैयार हो गईं। हमने पहले प्रत्युशा बेनर्जी की आत्मा को बुलाने के लिए मंत्रोचार शुरू किए… अचानक किसी लड़की के ज़ोर ज़ोर से रोने और कराहने की आवाज़े आने लगीं… हमारी धड़कनें तेज़ होने लगीं… माहौल में गर्माहट आ गयी… पूनम की रात होते हुए, वहाँ घौर अंधेरा छा गया… और पायल खनकने की आवाज़ आने लगी…
हमने मूड कर देखा तो एक काली परछाई हमारे पास खड़ी थी। अब हमारा जोश ठंडा हो चुका था। क्यूँ की वह आत्मा प्रत्युशा बेनर्जी की तो नहीं लग रही थी। हमने उस परछाई से बात करने की कौशीस की। पर वह कुछ नहीं बोली। बस डरावनी आवाज़े निकालती वहीं खड़ी रही। हमे लगा की वह अपने आप वापिस चली जाएगी। और हम जिया खान और दिव्या भारती की आत्मा को बुलाने का आहवाहन करने लगे। थोड़ी देर बाद वहाँ तीन परछाईया इकट्ठी हो गयी। पर तीनों में से एक भी उन मरी हुई एक्ट्रेस जैसी नहीं थी। हमारा कैमेरा अब भी चल रहा था।
हमारे किसी भी सवाल का जवाब उन में से किसी भी आत्मा नें नहीं दिया। हम अब इस खेल से ऊबने लगे थे। हमने फौरन बत्ती जला दी। और जो हुआ उसे देख कर हमारी रूह काँप गयी।
उजाला होते ही वह तीनों आत्मायेँ विकराल प्रेत जैसी दिखने लगीं। और एक दूजे से मारपीट करने लगीं और एक दूजे का मांस नौचने लगी। परछाई से प्रेत बनीं इन आत्माओं की लड़ाई देख कर और चीख़ों की चीतकारी सुन कर हमारे पसिनें छूट गए।
अब तीन मै से दो प्रेत आत्मा अपने आप जा चुकी थी। पर सब से पहले आई आत्मा नहीं जा रही थी, यह वो आत्मा थी जिसे हम प्रत्युशा बेनर्जी की आत्मा समज रहे थे। पीछे से बुलाई हुई दोनों आत्माओं ने प्रत्युस्शा वाली प्रेत आत्मा को बहुत बुरे तरीके से घायल किया था। वह चल भी नहीं पा रही थी।
खून और मांस में सनी हुई वह प्रेत आत्मा आज भी हमारे हॉस्टल रूम में ही घूमती रहती है। हमे पता नहीं की आगे क्या होगा। पर हर रात वह हमारे कमरे के कौने में खड़ी हो कर रोती रहती है। और कभी कभी चीख पुकार भी करती है। हमे समज नहीं आ रहा है की इस आत्मा को वापिस कैसे भेजें। शायद हमसे बहुत बड़ी गलती हो गयी है। हमे परलोक में भटकने वाली आत्माओं का संपर्क करना ही नहीं चाहिये था।
हम चारों सहेलियों के, हमारे अनुभव ने हमें एक बात सीखा दी है की… ऐसा ज़रूरी नहीं हैं की…..
जिस आत्मा का आहवाहन किया जाए… वही आएगी… और अगर किस्मत से वह आ भी गयी तो हमसे बात करे करेगी… और अगर उसने बात की… तो वह हमे नुकसान पहोंचाए बिना वापिस भी जाएगी… इस लिए लोगों से हम यही कहना चाहेंगे की इन खतरनाक पछड़ों में ना पड़े तो ही अच्छा होगा…।
एक और बात…. हमारे कैमेरे में कुछ रिकॉर्ड नहीं हुआ था।..
Comments
Post a Comment