पितृ दोष , जिसमे पूर्वजो की अतृप्त आत्माओ ने ढाया कहर Pitra Dosh Scary Story in Hindi

Pitra Dosh Scary Story in Hindiमित्रो मेरा नाम दमयंती है और मै जाम खंभलिया की रहने वाली हूँ। मै एक गृहिणी हूँ और मेरे तीन बच्चे हैं। मेरा विवाह वर्ष 1980 में वसंत पंचमी के दिन हुआ था। बचपन से ही मेरे घर में धार्मिक महोल रहा है, इस लिए पूजा पाठ और हवन, दान वगेरा धार्मिक कार्यों से नाता जुड़ा हुआ था। शादी कर के जब में ससुराल आई तब मेरे ससुराल का पूरा कुटुंम्ब अतृप्त पीत्रु आत्माओं से परेशान था। और शादी के दूसरे ही दिन हमारे पूर्वजो की अतृप्त पित्रु आत्माओं ने मुजे भी सताना शुरू कर दिया।

मेरे पति एक फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट में काम करते थे जिसकी वजह से रात को में अकेली होती थी। मेरे बगल वाले कमरे में मेरी सांस और ससुर का कमरा था। पहले कुछ दिन तो मुजे अजीब अजीब आवाज़े और धुंधली आकृतियां नज़र आने लगी। जिसे मेंने नज़र अंदाज कर दिया। वह मेरी सब से बड़ी भूल साबित हुई।धीरे धीरे घर की चीजों का अचानक गिर जाना और दिल दहला देने वाली काली चीख़ों का सिलसिला शुरू हो गया। मेंने अपनी सांस और पति से इस बात की फरियाद की पर उनहोने मुजे यह कह कर समजा दिया की सब ठीक हो जाएगा। पित्रु कार्य जल्द करवाएँगे तब ऐसी घटनाएँ बंद हो जाएंगी। मेंने भी हिम्मत बांध ली और अपनी परेशानीयों का मुक़ाबला करने लगी।

मेरे साथ जो घटना घट रही थी, वह सपने में घट रही थी की हकीकत में, इस बात को आज तक में समझ नहीं पायी हूँ। अब मै जो बताने जा रही हूँ वह मेरे साथ लगातार तीन साल तक हुआ है।हर रात सोने के बाद खुले बालों वाली सफ़ेद साड़ी वाली डरावनी औरत मेरे सामने खड़ी हो जाती थी। और मुजे चिल्ला कर जगाती। अंधेरे में उसकी आंखे लाल चटक चमकती दिखाये देती थी। और उसके पीछे एक गुस्सैल पुरुष भी खड़ा रहता था।वह दोनों मुजे खींच कर मेरे घर से बाहर ले जाते। और मुजे कहते की अगर में रोई या चिल्लाई तो वह मुजे ऐसी जगह ले जाएंगे की वहाँ से में कभी लौट कर वापिस नहीं आ पाऊँगी। में डरी सहमी उनके साथ साथ चल देती।

वह दोनों रोज मुजे मेरे हाथ से पकड़ कर खींचते हुए मिलो मिल दूर ले जाते। अंधेरे में यह सफर घंटो तक चलता रहता। और मुजे अंत में वह दोनों किसी खन्ढ़र जेसी जगह पर रोज खींच लाते। खंडहर  पर पहुचने  के बाद अचानक वह गुस्सैल आदमी कहीं से कुल्हाड़ी ला कर गड्ढा खोदने लगता और उस डरावनी सफ़ेद साड़ी वाली औरत से कहता की इसे वापिस नहीं जाने देना है, इसे यहा ज़िंदा ही गाढ़ देना है। यह सुन कर मेरे तो हाथ पाँव कापने लगते, और में चीख चीख कर बचाने की गुहार लगाने लगती।

गड्ढा खोदने के बाद वह व्यक्ति मुजे गड्ढे में डालने लगता। पर वह विकराल औरत उसे ऐसा करने से रोकने लगती और उस आदमी से जगड्ते हुए मुजे वापिस दौड़ा कर अपने घर मेरे पलंग तक पहोंचा आती थी।ऐसा करने पर वह गुस्सैल आदमी भी पीछे पीछे भागता हुआ वापिस घर तक आता और सफ़ेद साड़ी वाली डरावनी औरत को वहीं मेरे रूम में ही मारने पीटने लगता। वह सफ़ेद साड़ी वाली औरत मार खाते खाते मेरी और देखती और वैशियाना तरीके से हसती जाती। पूरी रात यह डरावना मंज़र मेरे साथ चलता रहता। और में डरती काँपती यह सब सहती रहती। और सुबह होते ही वह दोनों जाने लगते और जाते हुए कहते जाते की तुम्हें लेने के लिए हम फिर आएंगे । और फिर वह दोनों गायब हो जाते।

तीन साल तक यह आतंक जेलने के बाद में बीमार हो गयी। और मेरे माता पिता मुजे ससुराल से मेरे घर मायके ले गए। फिर मेरे पिताजी ने मेरे ससुरजी और सांस से चंडी पाठ और अतृप्त पित्रु शांति कार्य करवाने को कहा। विधिवत धार्मिक कार्य सम्पन्न करने के बाद कभी फिर मुजे वह डरावना अनुभव नहीं हुआ है। और पुरोहित से पुछवाने पर पता चला की वह लोग मेरी सांस के देवर और देवरानी थे। और मेरी सांस के पास जा नहीं पा रहे थे। इस लिए मुज पर कहर ढा रहे थे।

पुरोहित के कहे अनुसार वह दोनों मेरी सांस के द्वारा सताये जाने की वजह से आत्म हत्या कर के मरे थे। इसी लिए भटक रहे थे। मेरे ससुराल वालों के कहने के मुताबिक मेरी सांस के देवर और देवरानी बिना बताए कहीं चले गए थे। और आज तक लापता हैं। फॅमिली अल्बम में पुराने फोटोग्राफ देखने पर मेंने फ़ोरन उन दोनों को पहचान लिया।

Comments

Popular posts from this blog

ट्रेन का खौफनाक सफर Train ka Bhoot Story in Hindi

कुलभाटा , जहा गुजरने वाला हर इन्सान, होता है चुड़ैल का शिकार Kulbhata Story in Hindi

वास विला , जहा पिछले 14 सालो से है आत्मा का कब्ज़ा Haunted Vas Villa in Bangalore