कटे सिर वाली डरावनी चुड़ैल का प्रकोप Scary Chudail Story in Hindi
मेरा नाम कल्पित परमार है, और में पेशे से एक डॉक्टर हूँ। मेरा क्लीनिक सरदार पटेल चौक में है। में मेरठ से हूँ। तीन साल पहले मेरी शादी हुई है। डॉक्टरी का काम अच्छा चल रहा था, इसलिए पैसों की कोई कमी नहीं थी, पर शांत जगह पर रहना चाहता था, इस लिए शहर से थोड़ी दूर घर लिया था। सुबह शाम आधा-आधा घंटा ड्राइव कर के घर आना, जाना होता था। सब कुछ अच्छा चल रहा था, जब तक उस भयानक चुड़ैल से मेरे सामना नहीं हुआ था। आप सब को बता दूँ मेंने अपने उस भयानक अनुभव के बाद शहर के बाहर स्थीत मेरा घर बेच दिया है। और में सिटि में एक फ्लेट में शिफ्ट हो चुका हूँ।
यह एक सच्ची घटना है, और पिछले साल ही मेरे साथ घटी थी। रात का वक्त था, में थका हारा क्लीनिक से 11 बजे घर लौट रहा था। तभी अचानक मेरी गाड़ी के सामने एक बकरी आ गयी में ने ज़ोर से ब्रेक लगा दी। बकरी ने अपना मुह गाड़ी की तरफ पलटा, और में ने देखा की बकरी ने मुह में छोटी सी खोपड़ी दबोच रखी थी। में तो दंग रह गया क्यूँ की बकरी कभी ऐसी चीजे छूती तक नहीं है। मेंने रिवर्स गियर लगाया और पीछे गाड़ी भगाई।
वह बकरी धीरे धीरे बड़ी होने लगी और मेरी रिवर्स में पीछे भागती कार की और भागने लगी। डर के मारे में बावला हो गया, और बच्चों की तरह चीखने लगा। तकरीबन 70 मीटर तक मेरे पीछे भागने के बाद वह बढ़ी हुई बकरी ने चुड़ैल का रूप लिया और फिर से मेरी और दौड़ने लगी। मुजे मेरी मौत साफ नजर आ रही थी। फिर भी मेंने डरते डरते हिम्मत जोड़ी और गाड़ी फॉरवर्ड गियर में डाली और एक्सेलेटर पर पैर दबाया। सोचा की उसे कुचलते हुए आगे निकल जाऊँ। यह मेरा जान बचाने के लिए मरणान्त प्रयास था। जब मेरी गाड़ी उस चुड़ैल से टकराई वह धड़ाम से हवा में उछली। ओर पीछे की और गिरि। में पागलों की तरह रोता चिल्लाता गाड़ी भगाते, भागने लगा। तभी मेरे होंश उड़ गए… मेंने कार मे मिरर (आईने) में देखा तो… वह चुड़ैल मेरी कार की बॅक सीट पर बैठ कर मुजे घूर रही थी।
अब मेरी आवाज निकलनी भी बंद हो चुकी थी, और बस में काँपता हुआ गाड़ी चलाये जा रहा था। और आने वाली भयानक मौत का इंतज़ार कर रहा था। तभी वह चुड़ैल पिछली सीट से गायब हो कर मेरे बगल वाली सीट पर बैठ गयी। में नजर घूमा कर उसकी और देख भी नहीं रहा था। में पूरी तरह सदमे में था। सीधा सामने की और गाड़ी चलाये जा रहा था। मेरा दिल तब बैठ गया जब उस डरावनी चुड़ैल ने अपने हाथों से गाड़ी में बैठे बैठे अपना “मुंड” (माथा) शरीर से अलग कर के मुजे देने लगी। और विकराल आवाज में बोली की ये ले…. इसे संभाल के रख में इसे लेने वापिस आऊँगी। अब में… तकरीबन खुद को मरा हुआ मान चुका था… और मेंने ज़ोर से गाड़ी की ब्रेक पर पैर दे मारा |
गाड़ी पूरी तरह घूम गयी और गाड़ी का दरवाजा खोल कर मै पागल जानवरों की तरह भागने लगा। वह मेरे पीछे आ रही है की नहीं , यह देखना भी मैंने ज़रूरी नहीं समझा| एकाद किलोमीटर तक दौड़ लगाई तो गला सुख गया और अचानक ठौकर खा कर में रोड पर ही धड़ाम से गिर पड़ा |सुबह में जब मेरी आँख खुली तो देखा की में अपनी गाड़ी के अंदर था, और उसी रोड के किनारे मेरी गाड़ी पार्क की हुई थी। और रोड पर लोगो की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। रात में मेरे साथ क्या हुआ अगर में किसी से घर पर कहता, तो घर के लोग शायद मेरे पर हंस देते।
मुजे लगा की अपना भयानक अनुभव मुजे सब के साथ बांटना चाहिए। इसी लिए अपना यह बुरा अनुभव में इंडियनघोस्टस्टोरीस॰कॉम को लिख कर भेज रहा हूँ। मेरी भगवान से येही दुआ है की अब कभी उस चुड़ैल से मेरा सामना ना कभी हो। मुझे बाद में पता चला कि उस रोड के पास एक झौपडी में तांत्रिक औरत रहती थी, जो बकरियों की बलि देती रहती थी और जादू टोने किया करती थी। लोगो को जब यह पता चला तो सब ने मिल कर उसे खूब पीटा था और उसी वजह से उसकी मौत हुई थी। तब से वह चुड़ैल बन कर उस हाइवे पर भटक रही है।
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