इंसानी कंकालो से बना एक चर्च , जहा आज भी जिन्दा 50 हजार इंसानों की रूहे Story of Sedlec Ossuary
मित्रो आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताना चाहेंगे जहा पर इंसानों की रूहों को आज भी जिन्दा किया हुआ है | जैसा कि आप जानते है कि इन्सान की मौत के बाद जलाने और दफनाने की रस्मे होती है जिससे उन लोगो की रहो को सुकून मिल सके | लेकिन सोचिये जिस इन्सान को ये रस्मे नसीब ना हो तो उनका क्या होगा ??? इसी बात को ध्यान रखते हुए Ossuary का निर्माण किया गया जहा इंसानों के कंकालो को सहेज कर रखा जाता है | ओस्सुअरी का निर्माण करने वाले लोग बताते है कि इन कंकालो को ओस्सुअरी में रखने से पहले कई दिनों एक अस्थाई कब्र में इन्सान के मृत शरीर को रखा जाता है | ऐसी ओस्सुअरी कुछ ही जगहों पर विकसित है और आज हम आपको ऐसे ही एक ओस्सुअरी से रूबरू करवाते है | चेक गणराज्य में 50 हजार से भी ज्यादा इंसानी हड्डियों को कंकालो को बड़े ही सुंदर तरीके से सेड्लेक ओस्सुअरी में सजाया गया है जिसे देखकर आपको ज्यादा डर ना लगे | इसकी शुरुआत सन 1278 में हुई थी जब प्रभु यीशु को सूली पर लटकाने वाली जगह की मिट्टी हेनरी नाम के एक संत ने यहा बने कब्रिस्तान पर डाल दी थी जिसके बाद में लोग इस स्थान को पवित्र मानने लगे | 15 वी सदी में इस ग...